शुक्रवार, 1 नवंबर 2013

इक दीया हाथों में लेकर द्वार द्वार हम घूमे












इक दीया हाथों में लेकर
द्वार द्वार हम घूमे

वह गरीब कि कुटिया थी
जहां नहीं था पेटभर खाना
दिनभर के श्रम से जुटा था
पावभर चावल का निवाला
मिल बाँट कर खा पी कर
तत्क्षण वे संतुष्ट हुए
श्रम बूँद जब पास है उनके
कल की कल देखी जायेगी
स्नेह-दीप से रौशन घर को
दीये की नहीं जरुरत थी

इक दीया हाथों में लेकर
द्वार द्वार हम घूमे

वह ज्ञान का मंदिर था
जहां नहीं था कोई प्रपंच
न तो कोई अपराधी था
न कोई बनता था सरपंच
अंतरात्मा बड़ी सजग थी
नैतिकता का राज था
अमीर गरीब के भेद से दूर
विद्या ही वरदान था
ज्ञान-दीप से जगमग घर को
दीये की नहीं जरुरत थी

इक दीया हाथों में लेकर
द्वार द्वार हम घूमे

वह शहीद कि देहरी थी
जहां हसरतें दबी पड़ी थीं
आँखों में भरकर सन्नाटा
होठों पर सिसकी सुबक रही थी
चिरागे-कुल वतन को देकर
गहन तिमिर में डूबा घर
पर  कहीं कोई शिकवा थी
न कहीं दिखा था उपालम्भ
त्याग-दीप से रौशन घर को
दीये की नहीं जरुरत थी

इक दीया हाथों में लेकर
द्वार द्वार हम घूमे

वह वृध्दों का आश्रम था
जहां बिखरे  थे  टूटे  सपने
पोपल मुंह खांस खांस कर
ढूंढ रहे थे कोई अपने
जिन पांवों को शक्ति दी थी
जाने किन राहों पर मुड़ गये
जिन पंखों को विस्तार दिया
आज़ाद परिंदे बन उड़ गए
उन अशक्त बुझी नजरों को
दीयों की सख्त जरुरत थी

इक दीया हाथों में लेकर
उस द्वार पर हम रख दिए !!!!
.....................................ऋता
दीपावली कि हार्दिक शुभकामनायें !! 

14 टिप्‍पणियां:

  1. दिए द्वार पर हम जलाते चलें
    तं तिमर धरा से हम भागते चलें
    दीपोत्सव की हार्दिक माँगल कामनाओं के साथ

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (02-11-2013) "दीवाली के दीप जले" चर्चामंच : चर्चा अंक - 1417” पर होगी.
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है.
    सादर...!

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  3. बहुत सुंदर प्रस्तुति ,,,
    दीपावली की हार्दिक बधाईयाँ एवं शुभकामनाएँ।।

    RECENT POST -: तुलसी बिन सून लगे अंगना

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  4. खुबसूरत अभिवयक्ति...... शुभ दीपावली

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  5. सार्थक प्रस्तुति |
    आपको सपरिवार दिवाली की शुभकामनाएं |

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  6. सुन्दर प्रस्तुति………

    काश
    जला पाती एक दीप ऐसा
    जो सबका विवेक हो जाता रौशन
    और
    सार्थकता पा जाता दीपोत्सव

    दीपपर्व सभी के लिये मंगलमय हो ……

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  7. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    आपको और आपके पूरे परिवार को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ।
    स्वस्थ रहो।
    प्रसन्न रहो हमेशा।

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    आपको और आपके पूरे परिवार को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ।
    स्वस्थ रहो।
    प्रसन्न रहो हमेशा।

    उत्तर देंहटाएं
  9. दिवाली तो तभी सार्थक है जब ऐसा हो ... संवेदनशील रचना ...
    दीपावली के पावन पर्व की बधाई ओर शुभकामनायें ...

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  10. बहुत सुंदर .....शुभकामनायें आपको भी

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