शुक्रवार, 15 अगस्त 2014

हैं आजाद हम...



शिखी शेर शतदल सभी, भारत की पहचान
प्राणों से प्यारा हमें,जन गन मन का गान|

सर्व धर्म संपन्नता, भारत का है नूर|
दिल से दिल मिल कर रहें, खुशियाँ हों भरपूर||

केसरिया ने रच दिया, भारत का संविधान|
झूमता है लाल किला, गाकर गौरव गान||

जय भारत के घोष से, झूम उठा आकाश|
केसर हरा सफेद का, फैला प्रखर प्रकाश|

सोंधी खुशबू में बसे, मेरे तन मन प्राण|
आओ हम मिलकर करें, नव भारत निर्माण|
*ऋता*

सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ !!

3 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही सार्थक प्रस्तुति। स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (16-08-2014) को “आजादी की वर्षगाँठ” (चर्चा अंक-1707) पर भी होगी।
    --
    हमारी स्वतन्त्रता और एकता अक्षुण्ण रहे।
    स्वतन्त्रता दिवस की
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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