मंगलवार, 27 अक्तूबर 2015

रोग दिल का न यूँ तुम बढ़ाओ कभी

Image result for beautiful flying birds images

चल के सपने कहीं तो सजाओ कभी

आसमाँ में परिंदे उड़ाओ कभी


आज है ये जमाना कहाँ से कहाँ

पाँव छूने की रस्में निभाओ कभी


बेटियों के जनम से होते हो दुखी

उनको भी तो गले से लगाओ कभी


अश्क आँखों में रखते दिखाते नहीं

रोग दिल का न यूँ तुम बढ़ाओ कभी


जान हाजिर है अपने वतन के लिए

सरहदों पर इसे आजमाओ कभी

*ऋता शेखर मधु*

5 टिप्‍पणियां:

  1. बेटियों के जनम से होते हो दुखी
    उनको भी तो गले से लगाओ कभी
    ...बहुत सुन्दर ...

    उत्तर देंहटाएं
  2. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 29 - 10 - 2015 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2144 में दिया जाएगा
    धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं

आपकी टिप्पणियाँ उत्साहवर्धन करती है...कृपया इससे वंचित न करें...आभार !!!