🌱पर्यावरण दिवस पर🌱
जिस धरती ने पाला पोसा
उसका हम सम्मान करें
फसलों की उर्वर माटी पर
खड़ा न कोई मकान करें।
जल से है पृथ्वी पर जीवन
हरदम इसका ध्यान धरें
डिटर्जेंट डाल डाल सरि को
कभी न लहूलुहान करें।
प्राणवायु देता है पीपल
बरगद से मिलती है छाया
मेट्रो के खम्भे ने छीना
उनसे उनकी विस्तृत काया
माटी नीर पादप पवन
हैं पूजा के शुद्ध हवन
वे जब होंगे जग में रक्षित
जीवन भी होगा संरक्षित।
ऋता शेखर

वाह
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