मंगलवार, 20 मार्च 2012

ऐ बिहार तू बेमिसाल- बिहार दिवस (२२ मार्च)पर विशेष







ऐ बिहार, तू बेमिसाल
तुझ से हैं हम तुझमें मगन
शत शत नमन तुझे शत शत नमन|

हरियाली तेरे कदम चूमती
बहती पावन पवित्र गंगा
सीमा पर तुझको घेरे है
अवध झारखंड और बंगा
देकर कुर्बानी प्राणों की
सचिवालय पर लहरा दिया तिरंगा
आओ संभालें इसका चैन औ अमन
शत शत नमन तुझे शत शत नमन|१|

शून्य का जिसने ज्ञान दिया
खगोल का प्रमाण दिया
उस महान आर्यभट्ट को
तूने ही तो जन्म दिया
पाणिनी की व्याकरण दी
चाणक्य की दी कूटनीति
आओ समेटें गौरव इसका करके जतन
शत शत नमन तुझे शत शत नमन|२|

गौतम बुद्ध ने पाया ज्ञान
बोध गया बन गया महान
वैशाली की धरती ने
जैन महावीर का दिया दान
अशोक स्तम्भ बना राष्ट्र चिन्ह
भारत को मिल गई पहचान
आओ रौशन करें प्रांत औ वतन
शत शत नमन तुझे शत शत नमन|३|

विश्वविद्यालय नालंदा का
ज्ञान का था भवन प्रथम
वैशाली तन्त्र लिच्छवियों का
विश्व का था गणतन्त्र प्रथम
आरा के वीर कुँवर सिंह ने फूँका
आजादी का बिगुल प्रथम
आओ सहेज लें आजाद गगन
शत शत नमन तुझे शत शत नमन|४|

चम्पारण का नील आन्दोलन
सत्याग्रह गाँधी का था प्रथम
छपरा के अनुपम राजेन्द्र
राष्ट्रपति देशरत्न बने प्रथम
पटना साहिब के गोविन्द सिंह
गुरु सिखों के बने दशम्
आओ निहारें जगमग रतन
शत शत नमन तुझे शत शत नमन|५|

रेणु ,दिवाकर, बेनीपूरी हैं बिहार की शान
कवि कोकिल विद्यापति का, मधुबनी में धाम
सांस्कृतिक महोत्सव देता राजगीर को मान
विश्व प्रसिद्ध पशु मेले में सोनपूर का नाम
मधुबनी की चित्रकला है बिहार की आन
बोधगया में विश्व का मोक्षदायिनी धाम
आओ गर्व से सर ऊँचा करें हम
बनाएँ बिहार को सुंदर चमन
शत शत नमन तुझे शत शत नमन|६|

ऋता शेखर मधु

24 टिप्‍पणियां:

  1. रची उत्कृष्ट |

    चर्चा मंच की दृष्ट --

    पलटो पृष्ट ||


    बुधवारीय चर्चामंच

    charchamanch.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सुन्दर ऋता जी....
    वाकई बिहार के लोगों की बुद्धिमता काबिले तारीफ़ है...आज भी.

    उत्तर देंहटाएं
  3. आज आपके ब्लॉग पर बहुत दिनों बाद आना हुआ. अल्प कालीन व्यस्तता के चलते मैं चाह कर भी आपकी रचनाएँ नहीं पढ़ पाया. व्यस्तता अभी बनी हुई है लेकिन मात्रा कम हो गयी है...:-)

    इस उत्कृष्ट रचना के लिए ... बधाई स्वीकारें....ऋता जी

    उत्तर देंहटाएं
  4. shandar post isase achhai bihar ki vyakhya nahin ho sakti.

    उत्तर देंहटाएं
  5. ऐ बिहार, तू बेमिसाल
    तुझ से हैं हम तुझमें मगनशत शत नमन तुझे शत शत नमन|
    बहुत सुंदर पोस्ट

    my resent post

    काव्यान्जलि ...: अभिनन्दन पत्र............ ५० वीं पोस्ट.

    उत्तर देंहटाएं
  6. प्रभावशाली रचना है , बधाईयाँ जी /

    उत्तर देंहटाएं
  7. पिछले कुछ दिनों से अधिक व्यस्त रहा इसलिए आपके ब्लॉग पर आने में देरी के लिए क्षमा चाहता हूँ...

    इस रचना के लिए बधाई स्वीकारें...

    नीरज

    उत्तर देंहटाएं
  8. इतिहास के झरोखे में झांकती बहुत प्रभावी प्रस्तुति...बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  9. अपनी जन्मभूमि पर इतनी सुन्दर रचना पढके ओत-प्रोत हूँ :)
    सादर शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  10. कितना कुछ दिया है बिहार की पावन भूमि ने .. और आज बचार नेताओं के जाल में उलझ के बर्बाद हो गया ...

    उत्तर देंहटाएं





  11. ऐ बिहार, तू बेमिसाल
    तुझ से हैं हम तुझमें मगन
    शत शत नमन तुझे शत शत नमन


    जन्मभूमि मातृभूमि की वंदना आराधना में लिखना मुझे भी बहुत अच्छा लगता है ...
    बहुत सुंदर लिखा आपने ..

    उत्तर देंहटाएं
  12. आपकी कविता ने मन को भावविभोर कर दिया|
    मेरे तरफ से भी दो हाइकु पेश है|

    रौशनी फैली
    बिहार की धरा से
    दसोदिशाएं|१|

    भारत आगे
    बिहारियों के बूते
    हर दिशा में|२|

    उत्तर देंहटाएं
  13. कितनी अच्छी अच्छी पोस्टें आज पढ़ने को मिली है आपके ब्लॉग पर दीदी...दिल खुश हो गया..
    और ये तो बिहार दिवस पर लिखी कविता है...इसे तो बस पढ़ कर महसूस करने वाली बात है!!! :)

    बिहार के लिए इतनी सुन्दर कविता और परिचय काश मैं भी कविता में लिख पाता कभी!!

    उत्तर देंहटाएं
  14. बहुत खूब! शब्दों में बिहार का सम्पूर्ण चित्र ही प्रस्तुत कर दिया है आपने!!!!!!!

    उत्तर देंहटाएं
  15. बहुत खूब! शब्दों में बिहार का सम्पूर्ण चित्र ही प्रस्तुत कर दिया है आपने!!!!!!!

    उत्तर देंहटाएं

आपकी टिप्पणियाँ उत्साहवर्धन करती है...कृपया इससे वंचित न करें...आभार !!!