
जोशीला हर प्रान्त हिन्द का...(आल्हा छंद)
हूँक भरो तुम वीर बंकुरो , भरो धनुष में तुम टंकार
मातृभूमि पर आँच न आए,करो दुश्मनों का संहार
भारत देश जान से प्यारा, भारतवासी की यह शान
जाग उठो अब वीर सपूतो, आजादी की रख लो आन
ऋषियों के यह तपोभूमि है, और वीरों की करमभूमि
गाँधी गौतम भगत संग हे, नमन तुझे ओ भारतभूमि
घर के भीतर जो विरोध हो, संकट में होते हम एक
मुट्ठी -सा बल बनी एकता, दिखती हैं अँगुलियाँ अनेक
पूरब हो या फिर पश्चिम हो, केरल हो या फिर कश्मीर
जोशीला हर प्रान्त हिन्द का, संस्कारों में खूब अमीर
.................ऋता