नमामि मातृ भूमि हे! नमामि भारतीयता।
नमामि सैन्य शक्ति हे ! नमामि वीर वीरता।।
वसुंधरा निहाल है, हवा सुगंध दे रही।
अनाज की बहार है, नदी प्रबंध दे रही।
विभावरी खिली रही, शशांक भी रहा खिला।
स्वतंत्रता मना सकें, वही दिनांक है मिला।
नमामि मातृभूमि हे! नमामि भारतीयता।
नमामि सैन्य शक्ति हे ! नमामि वीर वीरता।।1
सुहासिनी सुभाषिणी, तुम्हें प्रणाम माँ सदा।
प्रसन्न स्वाभिमान में, करोड़ कंठ संपदा।
समस्त सृष्टि के लिए, अनेक शस्त्र धारती।
विराजमान हो सदा, भरो मिठास भारती।
नमामि मातृ भूमि हे! नमामि भारतीयता।
नमामि सैन्य शक्ति हे ! नमामि वीर वीरता।।2
प्रबुद्ध चेतना रहे, कदम कभी रुके नहीं।
विराट आसमान में, ध्वजा कभी झुके नहीं।
नवीन शब्द हो न हो, सृजन कभी न रिक्त हो।
प्रबल विचार हों सदा, शरीर प्राण सिक्त हो।
नमामि मातृ भूमि हे, नमामि भारतीयता।
नमामि सैन्य शक्ति हे, नमामि वीर वीरता।3
