शुक्रवार, 5 जून 2020

रागिनी में राग की झंकार को देखो - गीतिका

दुनिया के 7 अनोखे फूल जो आपको हैरान ...
गीतिका
आधार छन्द - रजनी (मापनीयुक्त मात्रिक)
मापनी - गालगागा गालगागा गालगागा गा
2122   2122   2122 2
समान्त - आर, पदान्त - को देखो

लिख रहे जो गीतिका उस सार को देखो
लेखनी से उठ रहे उद्गार को देखो

हो रहे हैं शब्द हर्षित भाव बहने लगे
हर्ष में छुपते हुए अंगार को देखो

झूमते हैं फूल पत्ते ज्यों पवन झूमी
छंद का सौन्दर्य मात्रा भार को देखो

जब लिखे हों मापनी में गीत के मुखड़े
रागिनी में राग की झंकार को देखो

राम जी की हो कथा या हो महाभारत
सोरठे के वर्ण में संसार को देखो

@ऋता शेख ‘मधु’

9 टिप्‍पणियां:

  1. शानदार हर कड़ी में जान डाल दी है आपने

    जवाब देंहटाएं
  2. सार्थक एवं सारगर्भित अभिव्यक्ति।
    पर्यावरण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. आभार आपका !
      पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएँ।

      हटाएं
  3. पर्यावरण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत ख़ूबसूरत गीतिका ... भावप्रधान छंद कमाल के हैं सभी ...

    जवाब देंहटाएं

आपकी टिप्पणियाँ उत्साहवर्धन करती है...कृपया इससे वंचित न करें...आभार !!!