शनिवार, 11 फ़रवरी 2012

रोटी








 रोटी (ताँका)

फूली थी रोटी
सहसा फट पड़ी
भाप का ताप
अग्नि ताप से ज्यादा
विद्रोह या आक्रोश?

यह कविता की जापानी विधा है|
इसमें वर्णों का क्रम 5+7+5+7+7=31 है|

12 टिप्‍पणियां:

  1. बिल्‍कुल सच कहा है आपने प्रत्‍येक पंक्ति में ..आभार इस बेहतरीन प्रस्‍तुति के लिये ।

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    घूम-घूमकर देखिए, अपना चर्चा मंच
    लिंक आपका है यहीं, कोई नहीं प्रपंच।।
    --
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर की जाएगी!
    सूचनार्थ!

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  3. बहुत सुन्दर भावाभिव्यक्ति..कम शब्दो में बहुत कुछ कह दिया..

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  4. न विद्रोह , न आक्रोश - भूखे के लिए उमड़ता प्यार

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  5. लाज़वाब...बहुत गहन अर्थ संजोये हुए ...आभार

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  6. विद्रोह या आक्रोश?

    कम शब्दों में गहरी अभिव्यक्ति

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  7. मन की गुप्त उष्मा ऐसे ही फूटती है।
    बढि़या !!

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  8. कितनी सहजता से कितनी गहरी बात... वाह!

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