बुधवार, 1 अगस्त 2012

भाई-बहन का बंधन



न स्वार्थ का लेप
न इच्छाओं का अवलंबन
है चट्टान सा मजबूत
भाई-बहन का बंधन

मेरी बहना
छत्र है तू
छाया है तू
रेत पर बने
हर निशान में
दिखती तस्वीर तेरी
हर वक्त
मेरे लिए
बनती है तू
कभी कवच
कभी ढाल
कुछ भी तो
चाहती न मुझसे
सिर्फ भरती है
मेरी झोली
मंगलकामनाओं से
लिपटी रहे तू
खुशियों की चादर में
हर सावन
तू होगी जहाँ भी
आऊँगा मैं वहाँ
देख सकता नहीं
उदासी तेरी
तेरी एक मुस्कान को
चाँद-तारे लाऊँगा
उसके बदले
कलाई पर अपनी
राखी बंधवाऊँगा|

भइया मेरे
नाजुक डोरी
स्नेह का बंधन है
श्रावणी झड़ी में
धरा पे उगती
नर्म दूब है
पूर्णमासी की भोर
मुझे वह दिखती
राखी की डोर
पूनम की उषा
खोलती है दिल में
यादों की मंजूषा
बागों में हम
तितलियों के पीछे
भागते फिरते
मैं पकड़ न पाती
तुम पकड़ लेते
और दे देते मुझे
आम के पेड़ पर
ढेले तुम फेंकते
आम चुनती मैं
पेंसिल कटर इरेजर
होती थी
झगड़े की जड़
जाने कब
हम बड़े हो गए
अपनी-अपनी गृहस्थी
अपनी-अपनी जिम्मेदारी
पर भाई मेरे
राखी के दिन
व्यस्तताओं के बीच
कुछ पल चुराना
मेरे लिए
हम साथ बैठ
जीएँगे वह पल
जहाँ था न कोई छल|

श्रावणी चन्द्रमा-वृत
अरुणाचल में हुआ विलीन
आएगा अगले साल
प्यारा यह दिन
शुरु हो गया फिर से इन्तेजार
दिन यह आता रहे
बार-बार बारम्बार !!!

ऋता शेखर मधु

32 टिप्‍पणियां:

  1. भाई - बहन की मस्ती
    वो पुरानी यादे ..बहुत खूबसूरती से
    झलक रही है रचना में
    बहुत-बहुत प्यारी ,सुन्दर,मनभावन रचना..
    इस पावन पर्व पर आपको ढ़ेर सारी शुभकामनाये :-)

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  2. पूनम की उषा
    खोलती है दिल में
    यादों की मंजूषा
    बागों में हम
    तितलियों के पीछे
    भागते फिरते
    मैं पकड़ न पाती
    तुम पकड़ लेते
    और दे देते मुझे................
    बहुत सुन्दर ..
    आपको ढेर सी शुभकामनाएं.
    सस्नेह
    अनु

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपके द्वारा रचित भाई-बहन की यह कविता
    काफी कुछ याद करा गई|
    बहुत ही प्यारी रचना|
    राखी की आपको ढेर सारी शुभकामनाएं|

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  4. निश्छल रिश्ते की प्यारी बातें ....शुभकामनायें

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  5. रिश्तों की अहमियत को बखूबी दर्शाया है....
    आभार

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  6. बहुत सुन्दर काव्यमय प्रस्तुति भाई बहन के अमित प्यार की .बहिन, भाई के अन्दर पिता का निस्स्वार्थ छाता, और भैया, माँ को ढूंढता है कहतें हैं जो भाई अपनी बहन से बहुत रागात्मक सम्बन्ध बनाए रहतें हैं उनके साथ स्नेहिल बने रहतें हैं उन्हें हार्ट अटेक नहीं पड़ता ,दिल की बीमारियों से बचाता है माँ के जाने के बाद बहन का प्यार .रक्षा बंधन मुबारक -झूमें ये सावन सुहाना ,भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना ,शायद वो सावन भी आये ,जो पहले सा रंग न लाये, बहन पराये देश बसी हो ,अगर वो तुम तक पहुँच न पाए ,झूमें ये सावन सुहाना ...इस गीत की मिसरी बचपन में ले जाती है .छोटी बहन का यह गीत आज भी उतना ही मीठा लगता है जितना "चंदा मामा दूर के ,पुए पकाए बूर के ,आप खाएं प्याली में ,मुन्ने को दें ,प्याली में ..

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  7. भाई बहन के पवित्र रिश्ते की मनभावन प्रस्तुति,,,,,

    रक्षाबँधन की हार्दिक शुभकामनाए,,,
    RECENT POST ...: रक्षा का बंधन,,,,

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  8. श्रावणी चन्द्रमा-वृत
    अरुणाचल में हुआ विलीन
    आएगा अगले साल
    प्यारा यह दिन
    शुरु हो गया फिर से इन्तेजार
    दिन यह आता रहे
    बार-बार बारम्बार !!!
    भावमय करती प्रस्‍तुति ...
    आपको इस स्‍नेहिल पर्व की अनंत शुभकामनाएं

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  9. बहुत सुंदर रचना ...भाई बहन के रिश्ते की प्रगाढ़ता को कहती सुंदर प्रस्तुति

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  10. उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

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  11. श्रावणी झड़ी में
    धरा पे उगती
    नर्म दूब है
    पूर्णमासी की भोर
    मुझे वह दिखती
    राखी की डोर

    ....बहुत सुन्दर भावपूर्ण रचना...रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनायें!

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  12. कल 03/08/2012 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  13. बहुत ही सुन्दर .............रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाये

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  14. सुन्दर कविता... रक्षाबंधन की ढेरों शुभकामनाएँ !!!

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  15. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    श्रावणी पर्व और रक्षाबन्धन की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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  16. बहुत सराहनीय प्रस्तुति.
    बहुत सुंदर बात कही है इन पंक्तियों में. दिल को छू गयी. आभार !


    http://madan-saxena.blogspot.in/
    http://mmsaxena.blogspot.in/
    http://madanmohansaxena.blogspot.in/

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  17. बहुत ही सुंदर, भावमयी पंक्तियाँ ..
    हार्दिक शुभकामनाएँ !!

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  18. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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    1. कृपया अनुप्रिया के नाम को हटा दें , उसकी यादों को संकलित करने हेतु पारिवारिक उपयोग हेतु एक ब्लॉग बनाया है ! भूल बस उसी नाम से कुछ ब्लोग्स पर यह टिप्पणी की गयी थी !

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  19. रक्षाबंधन पर अद्भुत रचना, बिल्कुल हट कर, वाह !!!!!
    बधाई...

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  20. बहुत बहुत सुंदर रचना ! कितनी साधारण सी बातें हैं...मगर कितनी प्यारी, कितनी अनमोल.... :-)

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  21. बड़ी सुंदर रचना....
    रक्षाबंधन की शुभकामनायें....
    सादर।

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  22. मधुर उदगार लिए .. भाई बहन के प्रेम का अनुपम रूप लिए संदर भाव ...
    रक्षा बंधन की शुभ-कामनाएं ...

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  23. bahut achhi kavita hai aapki. meri bhi ek bahan thi pinki naam tha ab nahi hai. aapki kavita padhi ek pal ke liye aiasa laga didi saamne hai . i missu didi

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  24. आपकी बात दिल को छू गई...पिंकी जहाँ भी रहे खुश रहे, आपकी यादों में रहकर ही आपका संबल बनेंगी वो, भाई बहन का रिश्ता निश्छल होता है|

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