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रविवार, 12 फ़रवरी 2012

उड़ो नभ में खग की तरह


गूगल से साभार










वैलेन्टाइन्स डे है मनता 
प्रेम दिवस की तरह
पश्चिम बोले, 
उड़ो नभ में तुम खग की तरह
लव भाषा है यूथ की,
एक्सप्रेस करो 
रोमियो और जुलियट की तरह
इक-दूजे को चाहते, 
हंसों के जोड़ों की तरह
फिर क्यों अड़े खड़े हो 
नदी के दो किनारों की तरह
बागों में खिल जाओ 
सुगन्ध और सुमन की तरह
प्रकाश में मिल जाओ 
प्रभा और प्रभाकर की तरह
टकटकी नजरों में खो जाओ 
चकोर और चन्द्र की तरह
हँस के खो जाओ 
कानन में कुसुम की तरह|
भारत देश है संस्कार प्रधान
निभाओ प्रेम उदाहरण की तरह
मीत से प्रीत दिखाओ
राधा और कान्हा की तरह
प्यार खूबसूरत एहसास है
जी जाओ अमृता और इमरोज की तरह
प्रेम भक्ति का भाव है
जगा लो मीरा की लगन की तरह
प्यार त्याग का नाम है
कर लो उर्मिला और लक्ष्मण की तरह
जमाने का जुल्म सह जाओ
हीर और राँझे की तरह
प्यार जुदाई का भी नाम है
अश्क बहाओ लैला और मजनूं की तरह
प्यार की मर्यादा भी है
मत लांघो इन्द्र की तरह|

इकरार करो इजहार करो
इक-दूजे पर जाँ निसार करो
नापसन्द हो तो इन्कार करो
इक-दूजे पर मत वार करो|

ऋता शेखर मधु