आसमाँ में टूटता एक सितारा देखा
दुआ माँगता हुआ एक बेचारा देखा
सबको ही पड़ी है अपनी अपनी
किसी के लिए न कोई सहारा देखा
ज़िन्दगी की जंग कभी होती नहीं आसान
जीतने की जिद में दौड़ता एक हरकारा देखा
दिल हथेली पर लिए घूमता था वो
किरचों को चुनता प्यार का मारा देखा
चुप रहकर जिएँ तो जिएँ कैसे
बिन बोले होता नहीं गुजारा देखा|
...................ऋता
दुआ माँगता हुआ एक बेचारा देखा
सबको ही पड़ी है अपनी अपनी
किसी के लिए न कोई सहारा देखा
ज़िन्दगी की जंग कभी होती नहीं आसान
जीतने की जिद में दौड़ता एक हरकारा देखा
दिल हथेली पर लिए घूमता था वो
किरचों को चुनता प्यार का मारा देखा
चुप रहकर जिएँ तो जिएँ कैसे
बिन बोले होता नहीं गुजारा देखा|
...................ऋता