| अलविदा २०१३ स्वागतम् २०१४
नींद भरी आँखें
सहला रहा कोई
टपकी है गालों पर
इक बूँद नन्ही सी
मैं जा रहा हूँ
करोगे न याद मुझे
साथ रहा है
तीन सौ पैंसठ दिनों का
मुझे याद रहेगी
तुम्हारी छुअन
पलट देते थे पन्ने
हर पहली तारीख़ को
देखते थे
महीने की छुट्टियाँ
सारे व्रत त्योहार
और दूध का हिसाब
लगाते थे निशान
कब गैस बदली
कब आएगी बेटी
कब किसका है दिन खास
कैसे भूलूँगा मैं
जन्मदिन तुम्हारा
वर्षगाँठ शादी की
सी एल की तारीखें
कैसे भूल पाऊँगा
तुम्हारी आतुर आँखें
सैलरी के लिए
महीने का बदलना
फिर से सहलाया कैलेंडर ने
करोगे न याद मुझे
माना कि दी हैं हमने
कुछ कड़वाहटें भी
पर दिया है साथ में
पगडंडियाँ भी
गुलमोहर भी खिले
शब्दों से संबाद हुआ
आँखें हमारी नम हो गईं
तुम रहोगे दिल में हमारे
कहीं कोई शिकवा नहीं
न ही है कोई मलाल
खुशी खुशी जाओ मेरे भाई
सहेज कर रखेंगे
हर चहकता लम्हा
तुम्हारी सूर्य रश्मियाँ
धरती २०१३ की
विस्तार नभ का २०१४
करना मुट्ठी में संसार
मिलेंगी खुशियाँ अपार...
नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ !!
..............ऋता
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रविवार, 29 दिसंबर 2013
तुम रहोगे दिल में हमारे...
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