वैदेही को वापस पाने चले
श्रीराम सियाजी को लाने चले|
श्रीलंका में बैठी सीता
सब कुछ लगता रीता रीता
व्याकुल रघुपति बिन परिणीता
वैदेही को वापस पाने चले
श्रीराम सियाजी को लाने चले|
सिंधु को पुकारकर
वरुण को ललकार कर
धनुष को टंकारकर
वैदेही को वापस पाने चले
श्रीराम सियाजी को लाने चले|
करके भगवती का वंदन
अर्पित किए पद्म अरु चंदन
लेके संग अनुज रघुनंदन
वैदेही को वापस पाने चले
श्रीराम सियाजी को लाने चले|
शिव जी का पाकर आशीष
पुलकित हुए कोशलाधीश
लंकापति का उड़ाए शीश
वैदेही को वापस पा ही गए
श्रीराम सियाजी संग आ ही गए|
................ऋता
