पावन पर्व
हर हर महादेव
गूँजी दिशाएँ
आओ, चलो हम भी
कर दें अभिषेक|
विष को पिया
कंठ में धार लिया
हम भी सीखें
हर बुराई सहें
आत्मसात न करें|
तेरा ही नाम
जिसने भजा सदा
वह क्यूँ डरे
भव सागर का तू
जो खेवनहार है|
ऋता शेखर 'मधु'