हर्ष बनती है कविता
विषाद बनती है कविता
ज़ुल्म सह-सह कर
आर्तनाद बनती है कविता|
अनुराग बनती है कविता
वैराग्य बनती है कविता
मौन मूक भाषा का
संवाद बनती है कविता|
त्याग बनती है कविता
बलिदान बनती है कविता
विग्रह में वतन की
पुकार बनती है कविता|
शोक बनती है कविता
क्षोभ बनती है कविता
शोषण के ख़िलाफ़
विरोध बनती है कविता|
अन्तर्द्वन्द बनती है कविता
स्वच्छन्द बनती है कविता
इज़हारे-मुहब्बत की
पसन्द बनती है कविता|
व्यथा बनती है कविता
कथा बनती है कविता
ग्रन्थ के पन्नों में
गाथा बनती है कविता|
प्रेरणा बनती है कविता
शुभकामना बनती है कविता
थके हारे पथिक की
सांत्वना बनती है कविता|
सम्मान बनती है कविता
आभार बनती है कविता
लय-छंद सजाकर
जयजयकार बनती है कविता|
ओर बनती है कविता
अंत बनती है कविता
कण-कण से निकलकर
अनन्त बनती है कविता||
ऋता शेखर 'मधु'