नए वर्ष की प्रथम पोस्ट के रूप में गुलाब पर आधारित रचना पेश है.....आप सभी का जीवन गुलाब जैसा कोमल हो और गुलाब की खुश्बू जैसे रिश्ते अपनी सुगंध बिखेरते रहें...शुभकामनाएँ सभी को !!
गुलाब......
खुश्बू संग रंग भी देखो|
जीवन की तरंग भी देखो|
बीच कंटकों के पनप रहा,
गुलाब की उमंग भी देखो|
फूल देते हाथ भी देखो|
दोस्तों का रुआब भी देखो|
किया है स्वीकार जब इसको,
निभाने का ख्वाब भी देखो|
चाचा की लिबास भी देखो|
सुरभित एहसास भी देखो|
गुलाब से कोमल हों बच्चे
जवाहर की आस भी देखो|
पुष्प की मधुर ताजगी भी देखो|
काँटों की नाराजगी भी देखो|
देवताओं के शीश है सोहता,
गुलाब की पाकीज़गी भी देखो|
................ऋता